कहीं आप लोग मुंह लटकाए बैठे तो नहीं हो अगर बैठे हो तो उसकी वीडियो रिकॉर्ड करो और उसे यूट्यूब पर अपलोड करो यूट्यूब पर जो वीडियो बनते हैं उसके बैकग्राउंड में आपके वीडियो लगाया जाएगा मुझे तो हर जगह बिजनेस ही बिजनेस नजर आता है कैसे नहीं आप लोगों को हर तरफ बिजनेस नजर आता है दुख की टेंशन को YouTube पर छोड़ दो और पैसे कमाओ जब रहना है यही तो यही कुछ कमाना भी है और यही गवाना भी है खाली हाथ आए थे खाली हाथ जाना भी है तो क्यों ना कुछ एक्स्ट्रा करके जाना है ।
मैंअगर यदि आपके पास हिंदी या English में कोई आर्टिकल , इंस्पिरेशनल स्टोरी (कहानी) या ऐसी जानकारी है जो आप हमारे साथ शेयर करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ e-mail करें हमारी ईमेल आईडी है kumarvikarant86@gmail.com आपके पोस्ट पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहां पब्लिश करेंगे । राह चलते कपड़े वाले दुकान की तरफ देखता हूं वहां पर खड़े स्टेचू को देखता हूं तो वहां से मुझे बिजनेस का आईडिया पता चल जाता है दुकानदार को करना क्या चाहिए ना उस स्टेचू के सारे हाथ को एक दूसरे के गाल पर लगा देना चाहिए था जो देखकर के आदमी का इंप्रेस भी बड़े और दुकान का नाम भी याद आ जाए थोड़ा क्रिटिकल होना चाहिए हमेशा |
जिंदगी कहां से शुरू कहां कोखत्ममें आपका स्वागत है |
कहते हैं लोग जिंदगी को अच्छी तरीके से जीना नहीं जानते, आखिर लोग जानते क्या है | क्या बेमानी😒 करना, झूठ बोलकर कमाना जानते हैं ,या अपने इंसानियत को दबाकर बेईमानी 😎से पैसे कमाना जानते हैं |
अगर आप भी इस सिचुएशन में आएंगे तो आप अपने को कैसे सम्भालोगे ?
मैं आपको बता रहा हूं कि आप क्या करेंगे,
Your friend Vikrant kumar follow me my Instagram कितनी भी गंभीर स्थिति क्यों ना हो लेकिन अपने अंदर की इंसानियत को जगा कर रखनी चाहिए।आपसे अगर भूल हो जाये तो उस भूल को आगे जाकर सुधारने की कोशिश करना ही आपका फर्ज़ बनता है, अगर आप उस भूल को भुलाकर और भी कई सारे भूल को जानबूझकर करते चले जाएंगे तो 1 दिन ऐसा आएगा जिससे आप भूल जाओगे कि हमारे भी कोई है ।यदि आपके पास हिंदी या English में कोई आर्टिकल , इंस्पिरेशनल स्टोरी (कहानी) या ऐसी जानकारी है जो आप हमारे साथ शेयर करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ e-mail करें हमारी ईमेल आईडी है kumarvikarant86@gmail.com आपके पोस्ट पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहां पब्लिश करेंगे ।
पैसा होने के बावजूद भी आप अकेले महसूस करेंगे, इतना अकेला कि आप अपने आप को कभी भी माफ़ नहीं कर पाएंगे
तो आप लोगों को करना है सिर्फ एक काम, पहले यह भूल जाइए कि आपने कोई भी भूल किया था और उस भूल को भुलाकर एक नई आत्मविश्वास के साथ किसी को ऐसे मौके दीजिए जो आपको कभी ऐसा मौका नहीं आया और अपने से ज्यादा उस इंसान को मौका दीजिए, जिससे वह आने वाली सारी पीढ़ी को अपने जैसा बना सके इससे सिर्फ होगा यह कि आप अपनी इंसानियत को जगाने का मौका मिल जाएगा जिससे आप अपनी सारी भूल को अपने ऊपर से उतार सकेंगे
तो यह रॉयल फैमिली की एक बात जिसको मैं आप लोगों के साथ में शेयर करना चाहता था और मैंने इस बात को आप लोगों के साथ में शेयर किया अगर आपको मेरी किसी भी बात से आपके दिल को चोट पहुंची 📪 हो तो मुझे माफ़ कर देना और इस माफ़ी से अपने सारे गमों को भुला देना और फिर अपनी एक नई दुनिया कायम मैं Online Business भी करता हूँ ,आप शांति से इस पेज को भी देख सकते है।
करने के लिए लग जाना थैंक यू आप लोगों का इतना समय देने के लिए इस पेज को ध्यानपूर्वक पढ़ने के लिए मैं यह भगवान से गुज़ारिश करता हूं कि आप लोग हमेशा खुश रहे अपने इंसानियत को जगाए रखें और आने वाली आपकी सारी पीढ़ी⏩ आपको याद रखें,
इस बात को अगर आपको समझ नहीं है तो पहले आप अपने दिल से पूछिए आपका दिल क्या जवाब देता है थोड़ी देर आंखों को बंद कीजिए और अपने दिमाग से इस क्वेश्चन का आंसर पूछिए कि अगर मैं इस हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री होता तो मैं कैसे सोचता या मेरा स्टेप कैसे होते, मेरे काम करने का तरीका क्या होता । मैं Online Business भी करता हूँ ,आप शांति से इस पेज को भी देख सकते है।
अपने आंखों को बंद कीजिए बॉडी को किसी भी पार्ट को हिलाना नहीं है ना ही उंगली,ना ही आप, आपके शरीर का कोई भी अंग हिलना नहीं चाहिए कहीं अगर खुजली करने का मन हो रहा हो तो भी नहीं हिलना है |आपको केवल 15 मिनट इस अवस्था में बैठ जाते हो तो आपको खुद ब खुद आंसर आना शुरू हो जाएगा आप प्रधानमंत्री की पोस्ट पर हो और आपके सारे लोग,सारे कैमरा आपकी तरफ है जो आपको पूरी तरीके से आप के ऊपर नजर रखी हुई है तो आप कैसे बर्ताव करेंगे, गुस्से वाले बर्ताव करेंगे या पूरे हंसी मज़ाक वाले बर्ताव follow me
करेंगे या एकदम नॉर्मल रहोगे हर सिचुएशन में आपको अपने खुद से आंसर लेना होगा अगर कोई ऐसी बात हो जहां पर हँसने का है तो वहां पर हल्की सी मुस्कान देनी है और जहां पर आपको एक्शन लेने का जरूरत हो वहां पर तुरंत एक्शन लेनी है। क्योंकि आपके ऊपर पूरे शहर का नजर है आपके बातों पर पूरे देश की इच्छा जुड़ी हुई है तो आपको सोच समझकर हर वक्त पर डिसीजन सही तरीके से लेना है, और एक नई बात है कि अगर आप किसी हंसी वाले जगह पर पूरे गुस्से अंदाज़ में आप दिखेंगे तो भी ठीक नहीं रहेगा,
सौ बात की एक बात कहूँगा''अपने दिल से जानिए पराये दिल का हाल''
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यह सारी बातें आपको एक अलगनज़रिया देगा आपके हर सोचने की शक्ति को बढ़ाएगा और एक नई बात है कि आपको किसी भी सिचुएशन (स्थिति) में ज्यादा देर तक नहीं रहना है अगर कोई बहुत बड़ी बात हो गई है तो भी उसमें उस स्थिति में जाकर उसे अच्छी तरीके से समझना है और तुरंत एक्शन लेना है और फिर तुरंत ही उस स्थिति से बाहर निकल कर अगले स्थिति के लिए तैयार रहिये, यह रहती है रॉयल फैमिली की बात
एक बात और होती है जो बहुत ही आपके दिल को लगेगी उनमें अच्छे - बुरे,ग़रीब-अमीर इन सब का बहुत ज्यादा महत्व नहीं देते हैं । वह हमेशा नॉर्मल रहते हैं और नॉर्मल रहकर सारे सिचुएशन को अपने तरीके से संभालने का प्रयास करते हैं, चाहे किसी प्रकार का कंडीशन क्यों ना हो, लेकिन आने वाले अपॉर्चुनिटी को नजर रखते हुए वह आगे बढ़ते रहते हैं अगर वह ज्यादातर एक ही बात को अपने माइंड में लेकर चलेंगे तो उनके साथ में रहने वाले आदमी को इन सारी चीजों का प्रॉब्लम झेलना होगा,
तो यह है बात जो रॉयल फैमिली की होती है वह अपने आप को तुरंत ही रिफ्रेश कर लेते हैं ।
अब आप सोच रहे होंगे कि मेरे मे तो ये बात है ,बात है तो जाओ बनो बरे आदमी ,हमारे देश का नाम रोशन करो । Best of luck
जिसे वह कई वर्षों से पाल रहा था । एक दिन उस स्त्री ने पूछा, "आपके मुंह पर यह क्या है ? दाढ़ी है या झाड़ी ?" वह महात्मा चुप रहा । इसी प्रकार व औरत अक्सर उसे चिढाती रहती क्योंकि उसने किसी की इतनी सुंदर दाढ़ी नहीं देखी थी, पर वह महात्मा खामोश रहता । जब उसकी मौत का समय निकट आया तो उसने उस स्त्री को बुलवाया । वह औरत सामने आयी तो महात्मा ने उसने कहा," अब वह बात पूछो ।" उसने आदेश का पालन करते हुए पूछा, "आपकी मुंह पर क्या है ? दाढ़ी है या झाड़ी ? महात्मा ने उत्तर दिया, " मैं अब इस स्थिति में हूं कि तुझे बता सकूँ। मेरे मुंह पर दाढ़ी है और मैं इसको बेदाग और पवित्र लेकर जा रहा हूं।" वह कहने लगी, उस वक्त क्यों नहीं बताया ? इतने साल चुप क्यों रहे ? महात्मा ने स्नेहपूर्वक कहा," देखो मन का कुछ पता नहीं । इसका क्या भरोसा कि कब गिरा दे। इंसान को जिंदगी में कभी गर्व नहीं करना चाहिए।" दुनिया में दम मारने की गुंजाईश नहीं है ।
कहा जाता है कि शेख फरीद का एक शिष्य बहुत नेक - पाक था। जब वह बाजार जाता तो एक वैश्या उसका ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए उससे मजाक किया करती । वह बेचारा दूसरी ओर ध्यान कर लेता । ज्यो-ज्यो वह दूसरी तरफ ध्यान करता, वह और मजाक करती । ज्यो-ज्यो ध्यान हटाता वैश्या और छेड़ती ।
एक दिन फरीद साहिब ने उस शिष्य से कहा कि आग चाहिए । उस जमाने में लोग अंगारों को राख में दबा कर रखते थे,और जब आग की जरूरत पड़ती तो अंगारों को निकालकर इस्तेमाल कर लेते, उसने गली व मोहल्ला में पूछा, बहुत घुमा लेकिन आग ना मिली, बाजार में गया, देखा कि वह वैश्या हुक्का पी रही है | अब सोचता है कि उसकी मुझसे पहले ही दुश्मनी है | पर पीर का हुक्म है | ऊपर मकान पर चढ गया | वैश्या ने उसे देखकर पूछा कि क्या बात है ? वह बोला,''माई जी !आग चाहिए |''वह मजाक के साथ कहने लगी कि आग की कीमत आंख है | आंख निकाल कर दे जाओ और आग ले जाओ |
उसने फौरन अंगुली डालकर आंख निकाल कर आगे रख दी, वैश्या डर गई,''और आग दे दी। मन में सोचने लगी, मैंने तो मजाक में कहा था। खैर वह पट्टी बांधकर फरीद साहिब के पास आ गया ।
उन्होंने पूछा, आग ले आए हो? जवाब दिया,हा हजूर, ले आया हूं। फरीद साहिब ने कहा कि यह आंख पर पट्टी क्यों बांधी है ?बोला 'आंख' आई हुई है और दुखती है । उन्होंने कहा, ''अगर आई हुई है तो पट्टी खोल दो।'' जब पट्टी खोली तो पहले की तरह सही सलामत थी।
एक बार अकबर बादशाह आगरा के आस-पास के गांव में घुड़ सवारी करता-करता सैर को निकला। जब उसे भूख लगी तो एक जमींदार की कुएं पर चला गया। उसने मामूली सवार समझकर बादशाह को कुछ खाने-पीने को दिया और उसे आराम देने का यत्न किया। 乄乄乄乄
अकबर जाते समय उससे बोला,'' देख चौधरी! मैं बादशाह हूं। अगर तुम्हें कोई काम पड़े तो मेरे पास आ जाना। मुझे तुम्हारी मदद करके खुशी मिलेगी, "उसने कहा,"मुझे क्या काम करना है? ज़मीन का लगान तो हम अदा कर ही रहे हैं।
"बादशाह चला गया। मालिक की कुछ ऐसी मौज़ हुई कि जमींदार को कोई काम पड़ गया । उसने सोचा कि बादशाह मेरी समस्या का हल ज़रूर निकलेगा । शहर में गया, बादशाह को खबर करवाई । बादशाह ने उसे अंदर बुला लिया ।
उस समय बादशाह नमाज़ पढ़ रहे थे, नमाज़ के बाद बादशाह ने हाथ उठाकर दुआ मांगी । चौधरी सब कुछ देख रहा था । जब बादशाह नमाज़ से फारीग हुआ तो जमींदार को देख कर उसका स्वागत किया और पूछा कि कैसे आना हुआ?
जमींदार ने अजीज़ से पूछा कृपया,"मुझे बताएँगे कि आप क्या कर रहे थे ? बादशाह ने कहा कि ख़ुदा से दुआ मांग रहा था,कि मेरा अमुक काम हो जाए, मेरे राज्य में शांति रहे,वगैरह-वगैरह।
यह सुनकर जमींदार ने कहा, "धन्यवाद ! मैं जाता हूं।' बादशाह ने पूछा, "क्यों क्या बात है? तुम किसी काम के लिए नहीं आए थे? "कहने लगा आया तो था, पर मैं भी उसी से मांग लूँगा जिससे आप मांगते हो !
बेशक आप बादशाह है, पर मैंने देखा है कि आप भी मांगते हैं।
मांगने वालो से क्या मंगा, ये तो शर्म कि बाय है,अगर मांगना ही तो परमात्मा से मांगना चाहिए।
किसी भी जॉब,कोई भी काम,जिसमे आपको हल्का भी सक हो तो आप उसे पैसे मत दो,पहले काम पक्का हो जाये तभी दो वरना मत दो !
आखिर क्या है बिजनेस ? क्यों लोग नौकरी छोड़कर भी बिजनेस करना चाहते हैं ? आखिर क्यों मोदी जी नौकरी छोड़कर बिजनेस के आईडिया दे रहे हैं ? ऐसे हजारों सवाल होंगे बिजनेस को लेकर, उनमें से कुछ सवालों के जवाब में अपनी अंतरात्मा से आप लोगों को देना चाहता हूं, क्योंकि मैंने शुरू से अपना लक्ष्य और अपने काम को बिजनेस से ही स्टार्ट किया है और बिजनेस पर ही खत्म करना है | Support me मुझे नौकरी की बातें नौकरी की काम ¿ मैंने नौकरी भी करके देखा और बिजनेस भी करके देखा | मेरे को बिजनेस बहुत अच्छा लगा इसलिए क्योंकि मैं अपना दिमाग , अपने काम को बहुत अच्छी तरीके से संभाल सकता हूं इसलिए मैंने बिजनेस की लाइन को चुना 》》 सौ बात की एक बात मैंने यह सारी एक लाइन में कह दी l बिजनेस को लेकर के और भी कई सारे बातें हैं जो मैं आपके साथ शेयर करना चाहता हूं l
बिजनेस कभी अपने पैसे से शुरू नहीं करें!
आपके पास जितना है, जो भी है, उसी से शुरू करें l
पहला कदम बहुत ही कठिन होता है, उसे इग्नोर करें आगे बढ़ते रहें l
बिजनेस में आपका कोई भी सामान व्यर्थ नहीं जाएगा l अगर जाता भी है तो वह कुछ ना कुछ देकर जाता है l
आपके पास कुछ नहीं भी रहते हुए सब कुछ है l केवल है उसे जगाना उसे समझना,
अगर आपके पास कुछ नहीं भी है तो जो बिजनेस कर रहे हैं आप उनसे दोस्ती करना शुरू कर दीजिए l
और उसी के बिजनेस को अच्छे से समझिए और उसे करने की सोचिए l
आप यह सोचिए कि आप उसकी जगह पर रहते तो आप क्या करते और कैसे करते l
हां अगर आपको नौकर बनना हो तो सॉरी अगर आपको बुरा लगा होगा तो नौकरी करना है तो आप बिजनेस के बारे में थोड़ा सा भी ना सोचे और जो कर रहे हैं उसे अपने तरीके से करने दें l
और लास्ट में यह कहना चाहूंगा कि जो भी कीजिए l दिल से कीजिए, पूरे हिम्मत के साथ कीजिए, पूरे जोश के साथ कीजिए ,आपकी जब तक वह अंदर की शक्ति बाहर ना आ जाए तब तक कीजिए, अंदर की शक्ति जब निकलेगा तभी आपको अपने लक्ष्य साफ और क्लियर नजर आएगा l
अगर मेरी बातों से किन्हीं भाइयों को ठेस पहुंची होगी तो मुझे माफ कर देना अगर किन्ही को मेरी बातों से अच्छी समझ मिली होगी तो मुझे शाबाशी देना l
सारे पुलिस वाले मिलकर अपनी - अपनी अच्छे राय को रखकर आगे बढ़ाएं, कोई पुलिस वाले अपने आप को छोटा ना समझे और वह कई लोगों के मदद भी कर सकते हैं ; जो लोग पुलिस के बातों को मानते हैं उनके वीडियो रिकॉर्ड करके आप भी अपने देश को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे सकते हैं l
घर के गृहिणी मतलब माताओं, बहनों और भाभी जी आप अपने बातों को खुल कर रखने का मौका सिर्फ और सिर्फ मोबाइल के माध्यम से भी यूट्यूब पर दे सकते हैं l उनके कुछ टिप्स को नोट करके आप आगे बढ़ सकते हैं l बस आपको जरूरत है अपनी ख्याल रखने की और अपने बातों को दुनिया के सामने रखने की l
जिंदगी एक गमों का सागर भी है तो खुशियों का समंदर भी बस इसे अच्छी तरीके से समझना होता है l
वह लोग क्या कहेंगे जब आप पीछे रह जाएंगे और वह भी लोग क्या सोचेंगे जब आप सबसे आगे रहेंगे l
मोटिवेशन सुनने के लिए मेडिटेशन करना जरूरी है l जिनके बच्चे मेडिटेशन नहीं करते हैं उनके घर के बड़े बुजुर्ग मिलकर मेडिटेशन करना शुरू कर दें आने वाले समय के लिए आपको लाभ हि मिलेगा l
जो लिखूंगा सच लिखूंगा / आप अपने मोटिवेशन को डायरी में नोट करके रखिये और कभी भी आपका दिल टूटे तो उस डायरी को खुद पढ़ लीजिए आपको अपना लक दिख जाएगा l
I Understand Your Think.
1,2,3Answer YouToube से सब चिज नही सिखा जा सकता ।- my answer is मै जो सिखा YouTube से सिखा ।
4- your Answer is - मेरे पास ऊतना टाईम नही है मेरा Answer - कहो दिल से ,आपका दिल क्या कहता hai ?
5 - Answer is मेरा पोस्टिग होने वाला है,सर ये करने नहि देंगे ।
6 I have no time.मेरे पास सब चिज है ,लेकिन टाईम नही है ।
7 जिंदिगी खुश है ,हम देख नही सकते ।
8,9,10 मै खुश हू,सभी खूश रहे ।
Yes you heard right on 98.3 Mirchi Radio FM.
Now what is there to say, if you are determined to say, then you can explain in any way. The gesture is enough to explain, gestures can do everything. By seeing your logo, your body's activity will understand what kind of member you are?
Don't give upइन बिजनेस
The number of times I gave up in my business, I learned more than that business how this business is. How much profit is there, how much is the savings? This whole detail is known, this is called success. There is a difference of understanding.,.,.,.
Since when has life started, where is it going to end, nobody has ever known till date; Even then, in the darkness, they continue to shoot arrows, 'Somewhere, you will either get targeted or will learn to shoot. With this thinking, every human being moves all the time, in the hope that I will definitely get the destination one day or the other. Everyone gets some people stay in the middle, some people learn from that 'Some people go ahead and present themselves. This is the name of life, what else ??
https://www.youtube.com/watch?v=dRb_4xJruPw
Now start this youtube chennel,But i didn't focus much.
Every man walks all the time to present himself. It is also called "running." If you can't get round, learn to walk, if you can walk, learn to creep, if you can crawl, learn to swim. Take it, just keep moving forward.
Business can be small or big business- business and the owner of the business is the one who is going to do it.
Low Business
High Business
Low profit High profit its no metter but matter is I am owner this company.
If I tell the story of my business to you, then you will just sit with your hands on your forehead. Dude, that's why I don't want to see you guys sit, you guys also work and do your names. (Those who say clearly do not live in a hurry) It says that the name of Vikrant - must have been heard or not, if you have heard it, see what is written in front of you, read it and what .....
मेरा मानना है कुछ हद तक मोटिवेशन सही भी है और कुछ हद तक मोटिवेशन गलत भी | अगर आप सही तरीके से कमाते हैं ,खाते हैं, पीते हैं तो पॉपुलेशन बढ़ता है, गंदगी भी बढती है, फिर बिमारियों का लफरा॥ क्या यह सब चीजें नहीं बढ़ती है, बढ़ती ही है तो अगर समझना है यह मोटिवेशन सही है या गलत| दोनों ही हो सकता है| चॉइस आपकी है कि आप किस तरीके से अपने आप में बदलाव लाते हैं| कुछ लोग संभालते हैं, कुछ लोग बिगड़ते है।बारिश होती है कूछ लोगों को परेशानियां भी तो होती है कुछ लोगों नही। English मे भी है।
I believe that to some extent Motivation is right and to some extent Motivation is also wrong. If you earn properly, eat, drink, then the population increases, the dirt also increases, then the illness of illness increases. Do not all these things grow, they grow, so if you want to understand whether this motivation is right or wrong. Both can happen. The choice is yours in how you make changes in yourself. Some people handle, some people deteriorate. It is difficult that some people have problems even some people do not.
यह सच है कि मैं जो काम कर रहा हूं वह कुछ लोगों को यह टाइम पास लग रहा होगा या कुछ लोगों को मेरी बातें अच्छी तरीके से समझ आ गई होगी। ====It is true that the work that I am doing may be taking some time to pass or some people may have understood my things well. Vikrant kumar@
कहते हैं" कहने में कुछ नहीं लगता; क्या आप खाना बिना खाए हुए कहते हैं,, नहीं" आप खाना खाते हैं।खाना खाकर आप की एनर्जी वॉइस कन्वर्ट करते हैं। फिर जाकर आप कुछ बोलते हैं,कुछ लोग कहते हैं, चमड़े का मुंह है बोल दिया तो क्या हुआ? और कुछ कहते हैं ,नहीं जो बोला सही बोला॥ इनमें दो बातें होती है कुछ कहेंगे सही कहा कुछ कहेंगे गलत ॥ लेकिन" अपने आप को समझने से ही बदलाव आ सकती हैं। उसके बाद अपने आप में बदलाव लाने की कोशिश को ही आप अपने परिवार में उतारेंगे, तभी जाकर आप की कोशिश सफल होगी।==They say "It doesn't take anything to say; Do you say without eating food, don't". You eat food. Eating food converts your energy voice. Then you go and say something, some people say that it is the mouth of leather. And some say, no one said right. There are two things in this, some will say right, some will say wrong. But "Changes can be made only by understanding yourself. After that you will try to change yourself in your family, only then will your efforts succeed.
कहेंगे कि आप कुछ बन जाओ,आप कुछ बड़े बन जाओ या सभी को बड़े बनना चाहिए।अपनी मंजिल की तलाश करो ! आप अपने बेटे को भी यही राय देंगे,मैं भी दूंगा। मैं नहीं चाहता कि हमारा देश, हमारे लोग सभी आगे नही बढ़े लेकिन आगे बढ़ने के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारी को भी समझें ।===You will say that you should become something, you should become something big or everyone should become big. Seek out your destination! You will give the same opinion to your son, I will also. I do not want our country, our people not all to move forward, but as we move forward, we should also understand our responsibilities.
पता है आपको, मैंने पहला वीडियो यूट्यूब पर डाला था तो उसमे हमने thumbnale लगाया था कि मुझे कुछ करना ही नहीं है इसीलिए मैं बैठा रहता हूं | यह सुनकर मेरे घरवाले मेरे ऊपर बहुत हंसी उड़ाई लेकिन मेरे इस जज्बात को किसी ने समझ ना पाई कि जब यह कंटेंट लिख सकता है कि मुझे कुछ करना ही नहीं इसीलिए मैं बैठा रहता हूं,अगर मुझे करना है तो मैं हमेशा ही लगा रहूँगा,यह इन लोगो को दिखा नही। इसीलिए मैं रात हो, दिन हो, सुबह हो, शाम हो इन सब चीजों को देखता नहीं और मैं अपने काम में लगा रहता हूं |===You know, I put the first video on YouTube, so we put a thumbnale in it that I do not have to do anything, that is why I remain seated. Hearing this, my family laughed a lot at me, but no one could understand my feeling that when I can write this content that I have nothing to do, that is why I am sitting, if I have to, I will always keep it, Inlogo did not know. That is why I do not see all these things when it is night, day, morning, evening, and I continue in my work.
Even if the path goes, neither should the stone placed in the path be removed immediately. The stone that comes in front of you will automatically remove other people. I believe that if you understand the problems of others, then people will solve your problem well. He also laughs - playing and doing so with his words, you also do this, give the topic of life as much as possible. Jokingly make them realize that you are a very good man for this world.
You should take up your own responsibility, as well as the responsibility of others and explain to yourself what you can do better for this world. How big the small thinking becomes. You can know it even in a single night and it can also pass for many nights.
In hindi mai _
रास्ता चलते भी है,ना तो रास्ता में रखे पत्थर को तुरंत हटा देना चाहिए। उससे आपके सामने आने वाला पत्थर खुद-ब-खुद दूसरे लोग हटा देंगे।
दिस इज माय थिंकिंग
मेरा मानना है कि अगर आप दूसरों की तकलीफों को समझ जाएंगे तो लोग आपके प्रॉब्लम को अच्छी तरीके से सॉल्व कर देंगे । वह भी हंसते- खेलते,अपनी बातों से तो आप भी ऐसा किया कीजिए बातें-बातों से किसी को जिंदगी जितने के टॉपिक दे दीजिए। हंसी मज़ाक में उन्हें उनकी एहसास दिला दीजिए कि आप इस दुनिया के लिए बहुत अच्छे आदमी हैं।
आप अपनी जिम्मेदारी खुद उठा कर,और साथ मे दूसरों की भी जिम्मेदारी को उठाएं और उन्हें अपने आप को समझाएं कि आप इस दुनिया के लिए क्या बेहतर कर सकते हैं| छोटी-छोटी सोच कितनी बड़ी हो जाती है|यह आपको किसी एक रात में भी पता चल सकती हैं और कई रात भी बीत सकती है | I Love You for sexy Girl.......&
शादी - पार्टियों मे जा कर Suit the prank video........
स्वामी जी महाराज के वक्त दो-चार प्रेमी बीवियां थी; उनमें एक शिब्बो थी । एक बार वह स्नान करने गयी तो, एक योगी उसके घर के पास से गुजरा। जब योगी ने गुरु- प्रेम का शब्द पढ़ा, तो शिब्बो का अपने गुरु, स्वामी जी महाराज की ओर ध्यान लग गया। वह इतनी ध्यान- मग्न हो गई कि वस्त्र पहनना भी भूल गई 😶और अपनी गुरु के प्रेम में मग्न वह नंगी ही घर से निकल
पड़ी 👼। गलियां मे से होती हुई स्वामी जी महाराज के पास जा पहुंची और उनके चरणों पर गिरकर रोने लगी। स्वामी जी महाराज ने फरमाया, "अरी पगली, तू तो नंगी है, जा कपरे पहन कर आ । "जब वह मैं दूसरी ओर कपड़े पहनने चली गई तो स्वामी जी महाराज ने हँसकर कहा,"शुक्र है! कोई तो प्रेमी मिला । "
सतगुरु की दया- मेहर की खास बात यह भी है कि बीबी शिब्बो गलियों में से गुजरती हुई उनके पास आए तो रास्ते में किसी ने उसको नहीं देखा।
मेवाड़ की रानी मीराबाई 15वीं शताब्दी के मशहूर संत गुरु रविदास जी की शिष्य थी । मीराबाई की सखियां-सहेलियाँ गुरु रविदास जी की नीची जाति पर नाक मुंह चढ़ाती थी। वह मीराबाई को ताने देती थी कि तू खुद शाही महलों में रहती है, पर तेरा गुरु जूते सी कर बड़ी मुश्किल सेगुजारा करता है।
मीराबाई को इस बात का बहुत दुख हुआ। उसके हृदय में सतगुरु रविदास जी की के लिए सच्चा प्रेम और आदर था। उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि वह करे तो क्या करें । अंत में एक दिन उसने हीरो के डिब्बों में से एक कीमती हीरा निकाला ताकि गुरु रविदास जी को दे सके, जिसे बेचकर उन्हें काफी धन मिल सकता था। वह हीरा लेकर गुरु रविदास जी के पास चली गई । उसने माथा टेक कर और हाथ बाँधकर अर्ज की," गुरु जी, मुझे आपकी गरीबी देख कर बहुत दुख होता है और लोग मुझे ताने देते हैं कि
तेरा गुरु इतना ग़रीब है। आप यह हीरा स्वीकार कर लें और इसको बेचकर सुंदर सा घर बना लें ताकि आप खुद की जिंदगी गुजार सकें ।" गुरु रविदास जी उसी तरह जूते काटते हुए बोले, "बेटी, मुझे जो कुछ मिला है, कुंड के पानी और जूते गांठने से मिला है ।अगर तुझे लोक-लाज का डर है तो घर में बैठकर ही भजन-सुमिरन कर लिया कर, मेरे पास आने की कोई जरूरत नहीं। यह हीरा मेरे किसी काम का नहीं। चाहे लोग मुझे ग़रीब समझते हैं पर मुझे गरीबी में ही आनंद है। मुझे दुनिया की किसी नाशवान वस्तु की जरूरत नहीं।"
मीराबाई हर हालत में गुरु रविदास जी को हीरा देना चाहती थी । वह बहुत देर तक मिन्नतें करती रहे, पर गुरु जी ने एक ना सुनी। अंत में निराश होकर मीराबाई कहने लगी, "गुरु जी, मैं हीरा आपकी कुटिया की छत में छोड़ जाती हूं। जब जरूरत पड़े, आप निकाल लेना ताकि आपका जीवन सुखमय हो जाए।" मैं Online Business भी करता हूँ ,आप शांति से इस पेज को भी देख सकते है। यह कहकर मीराबाई अपने महल में चली गई । इस बात को कई महीने बीत गए। जब वह फिर गुरु रविदास जी के दर्शन जी को गई तो यह देखकर हैरान रह गई कि वह अब भी गरीबी की हालत में जूते काट रहे थे। उसने आदर पूर्वक माथा टेक कर कहा, "गुरु जी, मैं बड़े प्यार और आदर से आपके लिए हीरा छोड़ गई थी, आपने उसका फायदा क्यों नहीं उठाया ? गुरु रविदास जी बोली," बेटी, मैंने हीरे का क्या करना है। मुझे परमात्मा ने नाम का वह धन बख्शा है जिसका हिसाब लगा पाना असंभव है। तुम वापस जाती हुई हीरा साथ ले जाना ।" मीराबाई ने छत पटोली तो हीरा वहीं पड़ा मिला जहां वह रख कर गई थी। गुरु रविदास जी ने हीरा की ओर ध्यान ही नहीं दिया था । यह देखकर मीराबाई को अपने गुरु की बड़ाई का सच्चा ज्ञान हो गया और उसे एहसास हो गया कि उसकी सतगुरु किस अपार रूहानी दौलत के मालिक हैं। वह प्रेम, श्रद्धा और नम्रता के साथ सतगुरु के चरणों में गिर पड़ी ।